विचार प्रदूषण

निस्संदेह आज प्रदूषण मानव जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। लेकिन पर्यावरण में होने वाले इस प्रदूषण के अलावा, एक और प्रदूषण हमारे चारों ओर फैल रहा है। यह है विचारों का प्रदूषण। कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, मानव मस्तिष्क में प्रति मिनट तकरीबन 40 विचार उत्पन्न होते हैं, यानी 2,400 विचार प्रति घंटा। ऐसे हालात में हमें ‘असीमित विचारों और सीमित समाधान’ जैसी असामान्य समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से अधिकांश लोग तनाव और चिंता के शिकार बन जाते हैं। तो क्या इसका अर्थ यह हुआ कि हमारे विचार हमारे मन के अंदर भीड़ बढ़ा रहे हैं? क्या इस समस्या से उबरने के लिए हम केवल ऐसे विचार नहीं रख सकते, जो हमारे मन में सद्भाव व खुली जगह बनाएं? जितना हम अपने विचारों की गुणवत्ता में सुधार लाएंगे, उतना हमारे मन के भीतर शुद्धता और सौहार्द का निर्माण होगा। इस कठिन लक्ष्य को ‘राजयोग’ की सरल तकनीक से प्राप्त किया जा सकता है। राजयोग एक ऐसी क्रिया है, जो हमें न्यूनतम अव्यवस्था के साथ जीना सिखाती है, जिससे जीवन में हमें अधिक से अधिक शांति की अनुभूति होती है। यदि हम अपने मन को ‘सीमित संसाधनों के साथ’ जीने के लिए राजी कर लें, तो फिर दुनिया की कोई भी चीज हमें परेशान नहीं कर सकती।
हमारा उद्देश्य अपने विचारों को दबाने का नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें धीरे-धीरे और स्वाभाविक रूप से अनावश्यक व व्यर्थ विचारों से खुद को मुक्त करके अपने मन को सांस लेने की खुली जगह देनी है। इस भागती-दौड़ती जिंदगी में ये सारी बातें हमें थोड़ी अवास्तविक और अपनी पहुंच से बाहर लगेंगी, परंतु हमारे विचारों की सादगी हमारे जीवन में दृढ़ता और स्पष्टता लाएगी, जिससे समाधान के अनेक दरवाजे खुल जाएंगे। तो चलिए आज से विचार प्रदूषण में कमी लाने का श्रेष्ठ कार्य करें।

Deadly High dopamine levels

Sometime this year I revisited an episode of Boston Legal where a teenager keeps on playing video game for some 36 hours without leaving his seat even for a minute and the dopamine levels in his brain increased to such high levels causing brain freeze and instant death.  Addicts out there beware to take rests at regular levels.

P.S.:  Dopamine is a pleasure receptor in the brain. Like when you take drugs and get high it increases the level of dopamine released to the brain to give a higher level of pleasure.